✦ 2026 की सङ्कष्टी-चतुर्थी तिथियाँ ✦
✦ गणेश-भक्तों का मासिक-व्रत — सङ्कट-नाशक, चन्द्रोदय-पश्चात् पारणा ✦
✦ 13 तिथियाँ — पूर्ण वर्ष ✦
गणेश-भक्तों का मासिक-व्रत — सङ्कट-नाशक, चन्द्रोदय-पश्चात् पारणा
अङ्गारकी (मङ्गल-वार)
6 जन॰ • मंगल
श्रेष्ठ-सङ्कष्टी
3 जुल॰ • शुक्र
अन्तिम-सङ्कष्टी
27 दिस॰ • रवि
✦ व्रत-परिचय ✦
सङ्कष्टी-चतुर्थी — कृष्ण-पक्ष की चतुर्थी-तिथि (पूर्णिमा-पश्चात् चौथा दिन)। मासिक-गणेश-व्रत। वर्ष में 12-13 बार।
"सङ्कष्टी" = सङ्कट-हरण। श्री गणेश सर्व-विघ्न-विनाशक के रूप में पूजे जाते हैं।
मङ्गलवार पड़ने पर "अङ्गारकी सङ्कष्टी" — परम-शुभ। वर्ष-भर के सभी सङ्कष्टी-व्रतों के समान-फल। महाराष्ट्र में विशेष-प्रचलित।
✦ जनवरी ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ फरवरी ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ मार्च ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ अप्रैल ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ मई ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ जून ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ जुलाई ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ अगस्त ✦
2 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ सितम्बर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ अक्टूबर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ नवम्बर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ दिसम्बर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 4
✦ पूजन-विधि ✦
- 1
प्रात:-स्नान। दिनभर निर्जल अथवा फल-दूध-उपवास।
- 2
गणेश-मूर्ति-स्थापन। 21 दूर्वा, मोदक, लाल-पुष्प, सिन्दूर।
- 3
सहस्र-नाम-पाठ अथवा गणपति-अथर्व-शीर्ष-पाठ। 21 बार ॐ गं गणपतये नमः।
- 4
चन्द्रोदय-पश्चात् चन्द्र को अर्घ्य → पारणा (मोदक-प्रसाद)।
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. सङ्कष्टी और विनायक-चतुर्थी में अन्तर?
सङ्कष्टी — कृष्ण-पक्ष चतुर्थी (पूर्णिमा-पश्चात्)। विनायक — शुक्ल-पक्ष चतुर्थी (अमावस्या-पश्चात्)। दोनों गणेश-व्रत; सङ्कष्टी का पारणा चन्द्रोदय-पश्चात्।
Q. चन्द्रोदय-दर्शन क्यों अनिवार्य?
गणेश-कथा-अनुसार चतुर्थी पर शाप-दोष से बचने हेतु — चन्द्र-दर्शन-अर्घ्य-पश्चात् ही पारणा। पारणा-पूर्व श्री-गणेश-कथा-श्रवण-पुण्य।