✦ 2026 की चन्द्र-दर्शन तिथियाँ ✦
✦ अमावस्या के पश्चात् नव-चन्द्र का प्रथम-दर्शन — अति-शुभ-योग ✦
✦ 12 तिथियाँ — पूर्ण वर्ष ✦
अमावस्या के पश्चात् नव-चन्द्र का प्रथम-दर्शन — अति-शुभ-योग
प्रथम-चन्द्र-दर्शन
19 जन॰ • सोम
दीपावली-पश्चात् दर्शन
14 जुल॰ • मंगल
अन्तिम-दर्शन
9 दिस॰ • बुध
✦ व्रत-परिचय ✦
चन्द्र-दर्शन — अमावस्या के पश्चात् नव-चन्द्र (बाल-चन्द्र) का प्रथम-दर्शन। शुक्ल-प्रतिपदा-द्वितीया पर सायं पश्चिम-आकाश में।
पारम्परिक-मान्यता: नव-चन्द्र-दर्शन के पश्चात् मन-वाञ्छित-कार्य की सिद्धि। चन्द्र पूर्ण-होते-होते समस्या-समाधान।
चन्द्र-दर्शन-पश्चात् चाँदी का सिक्का अथवा जल देखकर प्रणाम — धन-वर्धक-योग।
✦ जनवरी ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ फरवरी ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ मार्च ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ अप्रैल ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ मई ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ जून ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ जुलाई ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ अगस्त ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ सितम्बर ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ अक्टूबर ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ नवम्बर ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ दिसम्बर ✦
1 दिन🌖 शुक्ल • तिथि 1
✦ पूजन-विधि ✦
- 1
अमावस्या के अगले-दिन सायं पश्चिम-आकाश में पतले-चन्द्र को खोजें।
- 2
दर्शन-होते-ही प्रणाम। जल-दर्पण-चाँदी देखकर। मन-वाञ्छित-कार्य का सङ्कल्प।
- 3
चन्द्र-गायत्री-मन्त्र अथवा "ॐ श्राँ श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः" 11/21/108 बार।
- 4
घर में सुहागिन-स्त्रियाँ चाँदी का पात्र अथवा सिक्का दिखाकर सौभाग्य-कामना करती हैं।
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. चन्द्र-दर्शन का समय क्या?
अमावस्या के अगले/उसके-अगले-दिन सूर्यास्त-पश्चात् 15-45 मिनट में पश्चिम-आकाश। चन्द्र अति-पतला होता है — खोजना पड़ सकता है। मौसम-अनुसार दृश्यता।
Q. क्या प्रत्येक-मास चन्द्र-दर्शन करना चाहिए?
जो भक्त-चन्द्र-दोष-शान्ति, मन-वाञ्छित-सिद्धि, धन-वृद्धि चाहते हैं — हाँ। नित्य-व्रत नहीं — स्वैच्छिक।