✦ 2026 की अमावस्या तिथियाँ ✦
✦ चन्द्र-अदृश्य रात्रि — पितृ-तर्पण, श्राद्ध एवं तान्त्रिक-साधना का दिन ✦
✦ 12 तिथियाँ — पूर्ण वर्ष ✦
चन्द्र-अदृश्य रात्रि — पितृ-तर्पण, श्राद्ध एवं तान्त्रिक-साधना का दिन
मौनी-अमावस्या
18 जन॰ • रवि
सोमवती-अमावस्या
13 जुल॰ • सोम
दीपावली-अमावस्या
8 दिस॰ • मंगल
✦ व्रत-परिचय ✦
अमावस्या — कृष्ण-पक्ष की अन्तिम-तिथि (30वीं अथवा 0 — चन्द्र-सूर्य-संयोग का दिन)। वर्ष में 12 अमावस्याएँ।
विशेष: माघ-मौनी, सोम-सोमवती, चैत्र-मधु, वैशाख-पीपल, ज्येष्ठ-वट-सावित्री, आषाढ़-हलहारिणी, श्रावण-हरियाली, भाद्रपद-कुशोत्पाटिनी, आश्विन-सर्व-पितृ, कार्तिक-दीपावली, मार्गशीर्ष-भौमवती, पौष-दर्श।
पितृ-तर्पण, स्नान-दान, पीपल-वृक्ष-पूजा, शनि-राहु-केतु-पूजन हेतु शुभ।
✦ जनवरी ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ फरवरी ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ मार्च ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ अप्रैल ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ मई ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ जून ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ जुलाई ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ अगस्त ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ सितम्बर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ अक्टूबर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ नवम्बर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ दिसम्बर ✦
1 दिन🌒 कृष्ण • तिथि 15
✦ पूजन-विधि ✦
- 1
प्रात: स्नान — गङ्गा/नदी/घर में गङ्गा-जल। श्राद्ध-कर्म।
- 2
पितरों के नाम-गोत्र-स्मरण। तर्पण-जल अथवा कुश-तिल-तर्पण।
- 3
पीपल-वृक्ष-पूजन। कौवों, गोवंश एवं ब्राह्मणों को भोजन।
- 4
दीप-दान। सायं शनि-राहु-केतु-स्तोत्र अथवा हनुमान-चालीसा।
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. अमावस्या को नकारात्मक-दिन माना जाता है?
चन्द्र-शक्ति-न्यून होने से मानसिक-अस्थिरता का सङ्केत — परन्तु आध्यात्मिक-साधना के लिए परम-शुभ। तान्त्रिक-दीक्षा, मन्त्र-सिद्धि के लिए अति-उपयुक्त।
Q. सोमवती-अमावस्या का विशेष-महत्व?
सोम-वार + अमावस्या = परम-दुर्लभ-योग। सुहागिन-स्त्रियाँ अखण्ड-सौभाग्य के लिए पीपल-परिक्रमा। पितरों को मोक्ष।