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डार्विन · उत्तरी क्षेत्र
अन्य वर्तनी: vimshottari-dasa, vimshottari-mahadasha, vimsottari-dasha, vimsottari-dasa
डार्विन, उत्तरी क्षेत्र में विंशोत्तरी दशा 2026 का स्थानीय अवलोकन: हमारी गणना डार्विन के स्थानीय सूर्योदय (निर्देशांक -12.46°N, 130.85°E) पर आधारित है — स्थानीय पंचांग समय के लिए सटीक। विंशोत्तरी दशा — विंशोत्तरी महादशा एवं अंतर्दशा। जन्म के समय चन्द्र-नक्षत्र के आधार पर बनने वाली 120-वर्षीय ग्रह-काल प्रणाली। पाराशर पद्धति में सर्वाधिक प्रयुक्त वैदिक दशा-गणना; प्रत्येक ग्रह की महादशा क्रमशः केतु (7), शुक्र (20), सूर्य (6), चन्द्र (10), मंगल (7), राहु (18), गुरु (16), शनि (19) एवं बुध (17) वर्ष की होती है। (वर्तमान में सरलीकृत वार्षिक स्टब — पूर्ण नक्षत्र-आधारित दशा गणक आगामी संस्करण में।)
विंशोत्तरी दशा (vimshottari-dasa, vimshottari-mahadasha) की डार्विन, उत्तरी क्षेत्र के लिए 2026 की सम्पूर्ण सूची। विंशोत्तरी दशा — विंशोत्तरी महादशा एवं अंतर्दशा। जन्म के समय चन्द्र-नक्षत्र के आधार पर बनने वाली 120-वर्षीय ग्रह-काल प्रणाली। पाराशर पद्धति में सर्वाधिक प्रयुक्त वैदिक दशा-गणना; प्रत्येक ग्रह की महादशा क्रमशः केतु (7), शुक्र (20), सूर्य (6), चन्द्र (10), मंगल (7), राहु (18), गुरु (16), शनि (19) एवं बुध (17) वर्ष की होती है। (वर्तमान में सरलीकृत वार्षिक स्टब — पूर्ण नक्षत्र-आधारित दशा गणक आगामी संस्करण में।) गणना -12.4634° अक्षांश, 130.8456° देशान्तर पर आधारित — शास्त्रीय सूत्रों से सटीक।
✦ डार्विन में 2026 का अन्तिम विंशोत्तरी दशा 02 जन॰ पर समाप्त। 1 कुल घटनाएँ।
डार्विन के लिए 1 विंशोत्तरी दशा
आरम्भ:गुरु, 01 जन॰, 9:30 am
अन्त:02 जन॰, 9:30 am
विंशोत्तरी दशा
विंशोत्तरी दशा — विंशोत्तरी महादशा एवं अंतर्दशा। जन्म के समय चन्द्र-नक्षत्र के आधार पर बनने वाली 120-वर्षीय ग्रह-काल प्रणाली। पाराशर पद्धति में सर्वाधिक प्रयुक्त वैदिक दशा-गणना; प्रत्येक ग्रह की महादशा क्रमशः केतु (7), शुक्र (20), सूर्य (6), चन्द्र (10), मंगल (7), राहु (18), गुरु (16), शनि (19) एवं बुध (17) वर्ष की होती है। (वर्तमान में सरलीकृत वार्षिक स्टब — पूर्ण नक्षत्र-आधारित दशा गणक आगामी संस्करण में।)
इस पेज पर ऊपर 2026 की सम्पूर्ण विंशोत्तरी दशा सूची दी गयी है — -12.4634° अक्षांश, 130.8456° देशान्तर पर आधारित।
नया कार्य, यात्रा, विवाह, गृह-प्रवेश आदि शुभ कार्य विंशोत्तरी दशा काल में नहीं करने चाहिए। विस्तृत मार्गदर्शन के लिए नीचे डार्विन के लिए 2026 की पूरी सूची देखें।
गणना डार्विन (उत्तरी क्षेत्र) के अक्षांश -12.4634°, देशान्तर 130.8456° पर शास्त्रीय सूत्रों (Surya Siddhanta + लाहिरी अयनांश) से की जाती है।
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लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम
पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ
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✦ मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित ✦
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