పంచాంగం & హిందూ క్యాలెండర్ ప్రపంచం కోసం
कुइआबा · मातो ग्रोसो
अन्य वर्तनी: bhrigu-pradosh-vrat, shukra-pradosh, shukravar-pradosh, friday-pradosh, bhrigu-pradosham, bhrigupradosh
कुइआबा, मातो ग्रोसो में भृगु प्रदोष व्रत 2026 का स्थानीय अवलोकन: हमारी गणना कुइआबा के स्थानीय सूर्योदय (निर्देशांक -15.60°N, -56.10°E) पर आधारित है — स्थानीय पंचांग समय के लिए सटीक। भृगु प्रदोष व्रत — शुक्रवार को पड़ने वाला प्रदोष (त्रयोदशी तिथि)। शुक्र (भृगु) प्रदोष — समृद्धि, ऐश्वर्य, सौभाग्य एवं दाम्पत्य-सुख हेतु शिव-व्रत; प्रदोष-काल में शिव-पूजन एवं शुक्र-स्तोत्र पाठ। वर्ष में सामान्यतः 3-5 अवसर।
भृगु प्रदोष व्रत (bhrigu-pradosh-vrat, shukra-pradosh) की कुइआबा, मातो ग्रोसो के लिए 2026 की सम्पूर्ण सूची। भृगु प्रदोष व्रत — शुक्रवार को पड़ने वाला प्रदोष (त्रयोदशी तिथि)। शुक्र (भृगु) प्रदोष — समृद्धि, ऐश्वर्य, सौभाग्य एवं दाम्पत्य-सुख हेतु शिव-व्रत; प्रदोष-काल में शिव-पूजन एवं शुक्र-स्तोत्र पाठ। वर्ष में सामान्यतः 3-5 अवसर। गणना -15.601° अक्षांश, -56.0974° देशान्तर पर आधारित — शास्त्रीय सूत्रों से सटीक।
✦ कुइआबा में अगला भृगु प्रदोष व्रत: 12 जून, 10:07 am से प्रारम्भ। पूर्ण सूची नीचे।
कुइआबा के लिए 5 भृगु प्रदोष व्रत
आरम्भ:शुक्र, 30 जन॰, 1:39 am
अन्त:30 जन॰, 10:56 pm
भृगु प्रदोष व्रत
आरम्भ:शुक्र, 12 जून, 10:07 am
अन्त:13 जून, 6:38 am
भृगु प्रदोष व्रत
आरम्भ:शुक्र, 26 जून, 12:52 pm
अन्त:27 जून, 3:13 pm
भृगु प्रदोष व्रत
आरम्भ:शुक्र, 23 अक्टू॰, 5:06 am
अन्त:24 अक्टू॰, 4:07 am
भृगु प्रदोष व्रत
आरम्भ:शुक्र, 06 नव॰, 1:01 am
अन्त:07 नव॰, 1:18 am
भृगु प्रदोष व्रत
भृगु प्रदोष व्रत — शुक्रवार को पड़ने वाला प्रदोष (त्रयोदशी तिथि)। शुक्र (भृगु) प्रदोष — समृद्धि, ऐश्वर्य, सौभाग्य एवं दाम्पत्य-सुख हेतु शिव-व्रत; प्रदोष-काल में शिव-पूजन एवं शुक्र-स्तोत्र पाठ। वर्ष में सामान्यतः 3-5 अवसर।
इस पेज पर ऊपर 2026 की सम्पूर्ण भृगु प्रदोष व्रत सूची दी गयी है — -15.601° अक्षांश, -56.0974° देशान्तर पर आधारित।
नया कार्य, यात्रा, विवाह, गृह-प्रवेश आदि शुभ कार्य भृगु प्रदोष व्रत काल में नहीं करने चाहिए। विस्तृत मार्गदर्शन के लिए नीचे कुइआबा के लिए 2026 की पूरी सूची देखें।
गणना कुइआबा (मातो ग्रोसो) के अक्षांश -15.601°, देशान्तर -56.0974° पर शास्त्रीय सूत्रों (Surya Siddhanta + लाहिरी अयनांश) से की जाती है।
पेज पर ऊपर "अगला" बैज देखें — हर मिनट अपडेट होता है।
लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम
पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ
✦ प्रकाशित: • समीक्षित:
✦ मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित ✦
✦ अभी तक कोई टिप्पणी नहीं ✦
पहली टिप्पणी करें!