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वापी · गुजरात
अन्य वर्तनी: kaal-sarp-yog, kal-sarp-dosh, kal-sarpa-dosha, kaal-sarpa-dosha, kalsarp-dosh
वापी, गुजरात में काल सर्प दोष 2027 का स्थानीय अवलोकन: हमारी गणना वापी के स्थानीय सूर्योदय (निर्देशांक 20.39°N, 72.91°E) पर आधारित है — स्थानीय पंचांग समय के लिए सटीक। काल सर्प दोष — जब जन्म-कुण्डली में सातों ग्रह (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु के एक ही ओर आ जाते हैं तब बनने वाला विशिष्ट दोष। जन्म तिथि एवं समय से जाँचें — परिणाम 12 प्रकार के सर्प-योग (अनन्त, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग) के अनुसार। (यह कुण्डली-आधारित गणक है — वार्षिक सूची नहीं।)
काल सर्प दोष (kaal-sarp-yog, kal-sarp-dosh) की वापी, गुजरात के लिए 2027 की सम्पूर्ण सूची। काल सर्प दोष — जब जन्म-कुण्डली में सातों ग्रह (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु के एक ही ओर आ जाते हैं तब बनने वाला विशिष्ट दोष। जन्म तिथि एवं समय से जाँचें — परिणाम 12 प्रकार के सर्प-योग (अनन्त, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग) के अनुसार। (यह कुण्डली-आधारित गणक है — वार्षिक सूची नहीं।) गणना 20.3893° अक्षांश, 72.9106° देशान्तर पर आधारित — शास्त्रीय सूत्रों से सटीक।
✦ वापी में अगला काल सर्प दोष: 01 जन॰, 5:30 am से प्रारम्भ। पूर्ण सूची नीचे।
वापी के लिए 1 काल सर्प दोष
आरम्भ:शुक्र, 01 जन॰, 5:30 am
अन्त:02 जन॰, 5:30 am
काल सर्प दोष
काल सर्प दोष — जब जन्म-कुण्डली में सातों ग्रह (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु के एक ही ओर आ जाते हैं तब बनने वाला विशिष्ट दोष। जन्म तिथि एवं समय से जाँचें — परिणाम 12 प्रकार के सर्प-योग (अनन्त, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग) के अनुसार। (यह कुण्डली-आधारित गणक है — वार्षिक सूची नहीं।)
इस पेज पर ऊपर 2027 की सम्पूर्ण काल सर्प दोष सूची दी गयी है — 20.3893° अक्षांश, 72.9106° देशान्तर पर आधारित।
नया कार्य, यात्रा, विवाह, गृह-प्रवेश आदि शुभ कार्य काल सर्प दोष काल में नहीं करने चाहिए। विस्तृत मार्गदर्शन के लिए नीचे वापी के लिए 2027 की पूरी सूची देखें।
गणना वापी (गुजरात) के अक्षांश 20.3893°, देशान्तर 72.9106° पर शास्त्रीय सूत्रों (Surya Siddhanta + लाहिरी अयनांश) से की जाती है।
पेज पर ऊपर "अगला" बैज देखें — हर मिनट अपडेट होता है।
लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम
पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ
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✦ मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित ✦
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