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वापी · गुजरात
अन्य वर्तनी: dwipushkar-yoga, dvi-pushkar-yog, dvipushkara-yoga, dvipushkar-yog
वापी, गुजरात में द्विपुष्कर योग 2026 का स्थानीय अवलोकन: हमारी गणना वापी के स्थानीय सूर्योदय (निर्देशांक 20.39°N, 72.91°E) पर आधारित है — स्थानीय पंचांग समय के लिए सटीक। द्विपुष्कर योग — आरंभ किए गए कार्यों के फल को दोगुना कर देने वाला विशेष पंचांग-योग। त्रिपुष्कर के समान ही तिथि (द्वितीया/सप्तमी/द्वादशी) × वार (रवि/मंगल/शनि) × नक्षत्र (मृगशिरा/चित्रा/धनिष्ठा) के संयोग से बनता है। शुभ कार्यों (स्वर्ण-क्रय, गृह-प्रवेश, व्यापारारम्भ) हेतु अति-शुभ; किन्तु ऋण-लेन, विवाद अथवा हानि-कारक कार्यों से बचना चाहिए क्योंकि अशुभ फल भी द्विगुणित होते हैं। (वर्तमान में सरलीकृत वार्षिक स्टब — पूर्ण पंचांग-त्रय गणक आगामी संस्करण में।)
द्विपुष्कर योग (dwipushkar-yoga, dvi-pushkar-yog) की वापी, गुजरात के लिए 2026 की सम्पूर्ण सूची। द्विपुष्कर योग — आरंभ किए गए कार्यों के फल को दोगुना कर देने वाला विशेष पंचांग-योग। त्रिपुष्कर के समान ही तिथि (द्वितीया/सप्तमी/द्वादशी) × वार (रवि/मंगल/शनि) × नक्षत्र (मृगशिरा/चित्रा/धनिष्ठा) के संयोग से बनता है। शुभ कार्यों (स्वर्ण-क्रय, गृह-प्रवेश, व्यापारारम्भ) हेतु अति-शुभ; किन्तु ऋण-लेन, विवाद अथवा हानि-कारक कार्यों से बचना चाहिए क्योंकि अशुभ फल भी द्विगुणित होते हैं। (वर्तमान में सरलीकृत वार्षिक स्टब — पूर्ण पंचांग-त्रय गणक आगामी संस्करण में।) गणना 20.3893° अक्षांश, 72.9106° देशान्तर पर आधारित — शास्त्रीय सूत्रों से सटीक।
✦ वापी में 2026 का अन्तिम द्विपुष्कर योग 02 जन॰ पर समाप्त। 1 कुल घटनाएँ।
वापी के लिए 1 द्विपुष्कर योग
आरम्भ:गुरु, 01 जन॰, 5:30 am
अन्त:02 जन॰, 5:30 am
द्विपुष्कर योग
द्विपुष्कर योग — आरंभ किए गए कार्यों के फल को दोगुना कर देने वाला विशेष पंचांग-योग। त्रिपुष्कर के समान ही तिथि (द्वितीया/सप्तमी/द्वादशी) × वार (रवि/मंगल/शनि) × नक्षत्र (मृगशिरा/चित्रा/धनिष्ठा) के संयोग से बनता है। शुभ कार्यों (स्वर्ण-क्रय, गृह-प्रवेश, व्यापारारम्भ) हेतु अति-शुभ; किन्तु ऋण-लेन, विवाद अथवा हानि-कारक कार्यों से बचना चाहिए क्योंकि अशुभ फल भी द्विगुणित होते हैं। (वर्तमान में सरलीकृत वार्षिक स्टब — पूर्ण पंचांग-त्रय गणक आगामी संस्करण में।)
इस पेज पर ऊपर 2026 की सम्पूर्ण द्विपुष्कर योग सूची दी गयी है — 20.3893° अक्षांश, 72.9106° देशान्तर पर आधारित।
नया कार्य, यात्रा, विवाह, गृह-प्रवेश आदि शुभ कार्य द्विपुष्कर योग काल में नहीं करने चाहिए। विस्तृत मार्गदर्शन के लिए नीचे वापी के लिए 2026 की पूरी सूची देखें।
गणना वापी (गुजरात) के अक्षांश 20.3893°, देशान्तर 72.9106° पर शास्त्रीय सूत्रों (Surya Siddhanta + लाहिरी अयनांश) से की जाती है।
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लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम
पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ
✦ प्रकाशित: • समीक्षित:
✦ मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित ✦
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