પંચાંગ અને હિન્દુ કેલેન્ડર વિશ્વ માટે
सिमडेगा · झारखंड
अन्य वर्तनी: bhalachandra-sankashti-chaturthi, bhalachandra-chaturthi, bhal-chandra-sankashti, bhalchandra-sankashti
सिमडेगा, झारखंड में भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी 2026 का स्थानीय अवलोकन: हमारी गणना सिमडेगा के स्थानीय सूर्योदय (निर्देशांक 22.62°N, 84.51°E) पर आधारित है — स्थानीय पंचांग समय के लिए सटीक। भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी — फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी। भाल पर चन्द्रकला धारण किए गणेश के भालचन्द्र स्वरूप की पूजा; सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास। तेरह मासिक संकष्टी चतुर्थियों में फाल्गुन की संकष्टी "भालचन्द्र" को समर्पित है — मानसिक शान्ति एवं संकट-निवारण हेतु व्रत।
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी (bhalachandra-sankashti-chaturthi, bhalachandra-chaturthi) की सिमडेगा, झारखंड के लिए 2026 की सम्पूर्ण सूची। भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी — फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी। भाल पर चन्द्रकला धारण किए गणेश के भालचन्द्र स्वरूप की पूजा; सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास। तेरह मासिक संकष्टी चतुर्थियों में फाल्गुन की संकष्टी "भालचन्द्र" को समर्पित है — मानसिक शान्ति एवं संकट-निवारण हेतु व्रत। गणना 22.6175° अक्षांश, 84.5083° देशान्तर पर आधारित — शास्त्रीय सूत्रों से सटीक।
✦ सिमडेगा में 2026 का अन्तिम भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी 08 मार्च पर समाप्त। 1 कुल घटनाएँ।
सिमडेगा के लिए 1 भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी
आरम्भ:शुक्र, 06 मार्च, 11:23 pm
अन्त:08 मार्च, 12:47 am
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी — फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी। भाल पर चन्द्रकला धारण किए गणेश के भालचन्द्र स्वरूप की पूजा; सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास। तेरह मासिक संकष्टी चतुर्थियों में फाल्गुन की संकष्टी "भालचन्द्र" को समर्पित है — मानसिक शान्ति एवं संकट-निवारण हेतु व्रत।
इस पेज पर ऊपर 2026 की सम्पूर्ण भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी सूची दी गयी है — 22.6175° अक्षांश, 84.5083° देशान्तर पर आधारित।
नया कार्य, यात्रा, विवाह, गृह-प्रवेश आदि शुभ कार्य भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी काल में नहीं करने चाहिए। विस्तृत मार्गदर्शन के लिए नीचे सिमडेगा के लिए 2026 की पूरी सूची देखें।
गणना सिमडेगा (झारखंड) के अक्षांश 22.6175°, देशान्तर 84.5083° पर शास्त्रीय सूत्रों (Surya Siddhanta + लाहिरी अयनांश) से की जाती है।
पेज पर ऊपर "अगला" बैज देखें — हर मिनट अपडेट होता है।
लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम
पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ
✦ प्रकाशित: • समीक्षित:
✦ मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित ✦
✦ अभी तक कोई टिप्पणी नहीं ✦
पहली टिप्पणी करें!