✦ छह ऋतुएँ — प्रत्येक 2 माह की ✦
वैदिक कैलेण्डर में वर्ष 6 ऋतुओं में बँटा है — वसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त व शिशिर। प्रत्येक ऋतु 2 चान्द्र मास तक रहती है।
✦ प्रत्येक ऋतु अपने पर्व, फसल व अनुष्ठान लाती है
वसन्त ऋतु
✦ पुष्प खिलते हैं, होली, बसन्त पंचमी
चान्द्र मास
चैत्र-वैशाख
ग्रेगोरियन
Mar-Apr
ग्रीष्म ऋतु
✦ लू, आम, गंगा दशहरा
चान्द्र मास
ज्येष्ठ-आषाढ़
ग्रेगोरियन
May-Jun
वर्षा ऋतु
✦ वर्षा, रक्षा बन्धन, जन्माष्टमी
चान्द्र मास
श्रावण-भाद्रपद
ग्रेगोरियन
Jul-Aug
शरद ऋतु
✦ स्वच्छ आकाश, नवरात्रि, दिवाली
चान्द्र मास
आश्विन-कार्तिक
ग्रेगोरियन
Sep-Oct
हेमन्त ऋतु
✦ शीतल, फसल कटाई, मकर संक्रान्ति
चान्द्र मास
मार्गशीर्ष-पौष
ग्रेगोरियन
Nov-Dec
शिशिर ऋतु
✦ ठण्ड, कोहरा, महा शिवरात्रि
चान्द्र मास
माघ-फाल्गुन
ग्रेगोरियन
Jan-Feb
उत्तरायण (14 जनवरी - 16 जुलाई)
✦ सूर्य उत्तर दिशा — शुभ काल, देवताओं का दिन
दक्षिणायन (17 जुलाई - 13 जनवरी)
✦ सूर्य दक्षिण दिशा — पितरों का काल, आध्यात्मिक
"प्रकृति के 6 ऋतु चक्र मानव जीवन के स्वास्थ्य, आहार, व्यवहार व आध्यात्मिक साधना को प्रभावित करते हैं। आयुर्वेद में ऋतुचर्या का विशेष महत्व।"
✦ प्रत्येक ऋतु में अनुकूल आहार-विहार ही स्वास्थ्य का रहस्य
— ऋतु चक्र · प्रकृति का नित्य नर्तन —
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