✦ 12 प्रमुख अष्टकम् · 8 श्लोकों में देवता स्तुति ✦
अष्टकम् 8 श्लोकों का स्तोत्र है (अष्ट = आठ)। ये देवताओं की स्तुति में रचे गए हैं — कुछ आदि शंकराचार्य, कुछ तुलसीदास, कुछ वल्लभाचार्य द्वारा।
✦ नित्य पाठ से देवता प्रसन्न होते हैं
शिव लिंगाष्टकम्
✦ शिव लिंग पर 8 श्लोक
बिल्वाष्टकम्
✦ बेलपत्र पर अष्टक
रुद्राष्टकम्
✦ तुलसीदास रचित रुद्र अष्टक
महिषासुर मर्दिनी अष्टकम्
✦ दुर्गा का तालबद्ध अष्टक
मधुराष्टकम्
✦ वल्लभाचार्य रचित — कृष्ण माधुर्य
अच्युताष्टकम्
✦ आदि शंकराचार्य रचित
लक्ष्मी अष्टकम्
✦ धन व समृद्धि हेतु
सुब्रह्मण्य भुजंगम्
✦ शंकराचार्य रचित — मुरुगन स्तुति
गणेश पञ्चरत्नम्
✦ शंकराचार्य रचित 5 रत्न
हनुमान अष्टक
✦ तुलसीदास — संकट निवारण
भगवत्पादभुजंगम्
✦ विष्णु पाद स्तुति
अन्नपूर्णा अष्टकम्
✦ अन्न व समृद्धि हेतु
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं
निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्।
जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं
तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
✦ मैं उस सदाशिव लिंग को नमन करता हूँ जो ब्रह्मा, विष्णु व देवों द्वारा पूजित है
— अष्टक पाठ से देव कृपा प्राप्त हो —
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