ಪಂಚಾಂಗ ಮತ್ತು ಹಿಂದೂ ಕ್ಯಾಲೆಂಡರ್ ಜಗತ್ತಿಗೆ
यमराज से जुड़ा दैनिक अशुभ समय — वार अनुसार ~1.5 घंटे · नए शुभ कार्य से बचें
✦ यम का काल · दैनिक अशुभ समय · ~१.५ घंटे ✦
यमगण्ड काल (Yamaganda / Yamghanta) वैदिक ज्योतिष में प्रतिदिन आने वाला एक अशुभ समय है, जो लगभग 1.5 घंटे का होता है। यह काल यमराज (मृत्यु के देवता) से जुड़ा माना जाता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक निश्चित भाग को यमगण्ड कहा जाता है। इस अवधि में नए व शुभ कार्य आरम्भ करना वर्जित है।
रविवार (Sunday)
पाँचवाँ भाग · 5th slot
सोमवार (Monday)
चौथा भाग · 4th slot
मंगलवार (Tuesday)
तीसरा भाग · 3rd slot
बुधवार (Wednesday)
दूसरा भाग · 2nd slot
गुरुवार (Thursday)
पहला भाग · 1st slot
शुक्रवार (Friday)
सातवाँ भाग · 7th slot
शनिवार (Saturday)
छठा भाग · 6th slot
✦ अनुमानित समय दिल्ली के लिए (सूर्योदय ६:०० · सूर्यास्त ६:००)। सटीक समय आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर। ✦
नई यात्रा पर प्रस्थान
विवाह, सगाई व अन्य शुभ संस्कार
नया व्यापार या दुकान का शुभारम्भ
संघर्ष व विवाद के कार्य
महत्वपूर्ण अनुबंध या समझौते
नई नौकरी या साक्षात्कार
पहले से चल रहे कार्य जारी रखना
जप, ध्यान व पूजा (विशेषकर यम-मंत्र)
दान-पुण्य व पितृ-कर्म
दैनिक दिनचर्या
अपने शहर के अनुसार आज का सटीक यमगण्ड, राहु व गुलिक काल देखने के लिए पंचांग पेज पर जाएँ।
यमगण्ड काल वैदिक ज्योतिष में प्रतिदिन आने वाला एक अशुभ समय है जो लगभग 1.5 घंटे (90 मिनट) का होता है। यह यमराज (मृत्यु के देवता) से जुड़ा माना जाता है और इस अवधि में नए शुभ कार्य आरम्भ करना वर्जित है।
दोनों ही दैनिक अशुभ काल हैं और दोनों की गणना सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के 8 भागों में से एक निश्चित भाग के रूप में होती है — पर वार के अनुसार दोनों का क्रम अलग है। राहु काल राहु ग्रह से, यमगंड यमराज से जुड़ा है।
हाँ, यमगण्ड काल में जप, ध्यान, पूजा व मंत्र साधना की जा सकती है। केवल नए शुभ कार्य, यात्रा प्रारम्भ, विवाह व व्यापार आरम्भ जैसे कार्य वर्जित हैं।
यमगण्ड काल का सटीक समय आपके शहर के सूर्योदय व सूर्यास्त पर निर्भर करता है। अपने स्थान का सटीक यमगण्ड काल देखने के लिए हमारे पंचांग पेज पर जाएँ।
✦ काल का सम्मान करो, शुभ मुहूर्त में कार्य आरम्भ करो ✦
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